बीत गया पूरा साल
लो बीत गया पूरा एक साल,
लगता है आया था अभी कुछ ही दिन पहले,
सोचा रखा था पहले से सब हमने,
इस साल नया क्या है करना ,
और जीवन में कैसे आगे बढ़ना,
किन बातों को रखना है याद और किन्हें भुलना,
पर पता नहीं था बीत जाएगा यह इतनी जल्दी,
नहीं तो कर लेते हम भी थोड़ी अपनी मर्जी।
पर आज जब खोला पुराना हिसाब,
चकरा गए देख कर खाली किताब,
याद आता है हमें बस इतना आज,
थोड़ा रोये तो थोड़ा हंसे थे हम,
कुछ परेशानी में तो कुछ मजे में भी कटे थे दिन,
कुछ रहे अधूरे तो कुछ पूरे हुए थे ख्वाब,
पर जिंदगी की कश्मकश में भूल गए रखना हिसाब,
इसी चक्कर मे रह गई खाली हमारी किताब,
लो बीत गया इतनी जल्दी पूरा एक साल|
सुरेखा
31.12.18
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