एक विषय गंभीर


लोग कहते थे हमेशा यही ,
कॉलेज जाते है पढ़ने सभी।
बात हमने सबकी मानी,
और मन लगाकर पढ़ने की ठानी ।


लगाया सभी विषयों में मन कुछ खास,
और हुए भी अच्छे नंबरों से पास,
पर इतने दिन बीत चुके हैं आज,
रहे नहीं सब विषय वह याद ।


पर जब मिले कल पार्टी में कुछ दोस्त यार ,
पता चला कॉलेज की पढ़ाई थी हमारी सारी बकवास।
सभी कर रहे थे चर्चा एक विषय गंभीर पर कुछ खास,
उस विषय पर चर्चा से ही सभी का था हाल बेहाल।


समझ न आया हमको कुछ और बने रहे एक बुत,
जाने कौन सा था विषय वह अद्भुत।
जो इतने सालो बाद भी है सभी को याद,
जैसे कल ही खोली हो उसकी किताब,
जिसका एक ज़िक्र ही भर देता है दिलों में मीठास |


लगता है फिर से कॉलेज जाना होगा,
विषय गंभीर पर अपना ज्ञान बढ़ाना होगा,
तभी होगा हमारा भी कुछ उद्धार ,
आयेगी हमारे जीवन मे भी एक मीठास,
नहीं तो हो जायेगा जीवन बेकार |

सुरेखा
 26 12 18

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